Friday, September 28, 2018

7th Pay Commission

7th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 2016 में केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का तोहफा दिया था. मोदी सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए सातवां वेतन आयोग को 01 जनवरी 2016 से लागू किया था. लेकिन कर्मचारी सरकार के द्वारा दिए जा रहे 7वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर 2.67 के परे 3.58 फिटमेंट फैक्टर के अनुसार सैलरी की मांग कर रहे हैं, जिसको लेकर पिछले दिनों केंद्रीय कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया था. लेकिन इस बीच कुछ राज्यों में बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा सरकारें देने जा रही हैं.
बता दें कि मोदी सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 2 फीसदी बढ़ा दिया था. इसके अलावा उनके टीएलसी भत्ते की अवधि को 2 साल के लिए बढ़ा दिया था. लेकिन केंद्रीय कर्मचारी उनकी सैलरी को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से परे बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे हैं. अपने कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का लाभ देने वाले राज्यों में हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं।
राजस्थान में विधानसभा चुनावों को देखते हुए वसुंधरा राजे सरकार ने कॉलेजों के शिक्षकों को बड़ा तोहफा देते हुए 7वें वेतन आयोग के अनुसार बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा दिया था. राजस्थान के अलावा हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को 02 फीसदी बढ़े हुए डीए का तोहफा दिया था. जोकि 1 जुलाई 2018 से प्रभावी है.
वहीं मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों को राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले 7वें वेतन आयोग का तोहफा दिया था. 7वें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी में बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2016 से मानी जाएगी. इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को 32 माह का एरियर भी दिया जाएगा.
वहीं तमिलनाडु सरकार ने सरकारी डॉक्‍टरों की वेतन वृद्धि और प्रमोशन की मांग को लेकर एक कमेटी का गठन किया है. दरअसल राज्य के डॉक्‍टरों के अनुसार केंद्र और राज्‍य के डॉक्‍टरों की सैलरी एक है. लेकिन केंद्र में नियुक्‍त डॉक्‍टरों को प्रमोशन तेजी से मिलता है. राज्‍य सरकार में प्रमोशन 10 साल की देरी से होता है।।


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Tuesday, September 25, 2018

SSC Recruitment 2018: More than 1000 vacancies against 130 posts at Staff Selection Commission, apply @ ssc.nic.in

SSC Recruitment 2018: The Staff Selection Commission or SSC has invited applications for more than 1000 posts through its official website – ssc.nic.in

It has been reported that many positions are vacant at various departments under the Commission and application process for the same has already started. Interested candidates can check the details of the vacancies by logging into the website of SSC.


According to the notification released by the Staff Selection Commission, there are 130 Group B (Non-Gazetted) and Group C posts against which 1,136 vacancies are available. Candidates can apply for the positions through the official website before the last date for submission of online applications.

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Saturday, September 22, 2018

SSC Recruitment 2018: Applications invited for Group B, Group C Posts

SSC Recruitment 2018: Applications invited for Group B, Group C Posts


n a major announcement for the candidates awaiting a job in the government sector, Staff Selection Commission, Government of India has advertised 130 categories of various Group B (Non –Gazetted) /Group ‘C’ posts having 1136 vacancies in different Departments/Organizations.

Interested and eligible candidates should fill up only online applications for these selection posts on the official website on or before the last date of application, i.e. September 30, 2018.
Recruitment for these vacancies falls under different Regional Offices of SSC. Northern Region of the Commission has 299 vacancies of 36 categories of posts.
Note: The region-wise details of all Posts/Vacancies in all Regional Offices and detailed Notice/Advertisement can be seen on www.ssc.nic.in and also on the website of Regional offices of SSC.
Unlike other vacancies, applicants can apply for multiple posts in multiple regions.
Selection Process: Selection of candidates shall be made on the basis of written exam to be conducted as Computer Based Exam. 

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Thursday, September 20, 2018

UPSC Exam Calendar 2019 Released

UPSC Exam Calendar 2019 Released, Check Dates Here

UPSC will conduct Civils Services prelims examination 2019on June 2, one day before the exam was held this year.


 
UPSC will conduct Civils Services prelims examination 2019 on June 2, one day before the exam was held this year. Union Public Service Commission (UPSC) has released the exam calendar for year 2019 today. According to the calendar, the CS main exam will be held on September 20, 2019. UPS has released the calendar for exams like Engineering Services (Preliminary) Examination, 2019, C.D.S. Examination (I), 2019, CISF AC (EXE) LDCE-2019, N.D.A. & N.A. Examination (I,  Civil Services (Preliminary) Examination, 2019, Indian Forest Service (Preliminary) Examination, 2019 through CS(P) Examination and I.E.S./I.S.S. Examination, 2019 today.
The candidates may also see the dates of exams like  Combined Geo-Scientist and Geologist Examination, Engineering Services (Main) Examination, 2019, Combined Medical Services Examination, 2019, Central Armed Police Forces (ACs) Examination, 2019, C.D.S. Examination (II), 2019, Civil Services (Main) Examination, 2019, N.D.A. & N.A. Examination (II), 2019 and Indian Forest Service (Main) Examination, 2019 from the website.
According to UPSC, the dates of notification, commencement and duration of Examinations/ RTs are liable to alteration, if the circumstances so warrant.
UPSC annual exam calendar 2019 is available at the official web portal of the Commission (upsc.gov.in).

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Current affairs of 20 september 2018

20 september 2018 current affairs SSS,BANK& All Exam

Q.1एशिया की सबसे उच्चतम ज्वालामुखीय चोटी कौन सी है?

1.माउंट फुजी

2.माउंट दमावंद

3.माउंट ब्रोमो

4.माउंट ताकाओ

Q.2सूडान के नए प्रधान मंत्री के रूप में किसने शपथ ली है?

1.हसन सालेह

2.उमर अल-बशीर

3.मौजाज़ मौसा अब्दल्लाह

4.सादिक अल महदी

Q.3 पूर्व एशियाई खेलों के चैंपियन गणपतराव अंडलकार किस खेल से जुड़े थे, जिनका हाल ही में निधन हो गया?

1.बैडमिंटन

2.मुक्केबाजी

3.टेनिस

4.कुश्ती

Q4)विश्व की पहली हाइड्रोजन संचालित यात्री ट्रेन किस देश में शुरू की गयी?

1.स्पेन

2.जर्मनी

3.चीन

4.रूस

Q.5 भारत ने किस देश के साथ समुद्री सहयोग, पर्यटन और  प्रशिक्षण के क्षेत्र में तीन समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर  किए?

1.सर्बिआ

2.माल्टा

3.चेक गणतंत्र

4.फ्रांस

Q.6 केंट आरओ अपना दूसरा औद्योगिक संयंत्र किस शहर में लगाएगा?

1.लखनऊ

2.पुणे

3.नॉएडा

4.सूरत

Q.7 कौन सा राज्य डायल एफआईआर  योजना शुरू करेगा?

1.मध्य प्रदेश

2.हरियाणा

3.गुजरात

4.उत्तर प्रदेश

Q.8 भारत का पहल जेंडर न्यूट्रल हॉस्टल किस शहर में खुला है?

1.दिल्ली

2.मुंबई

3.बेंगलुरु

4.गुरुग्राम

Q.9 हाल ही में बांग्लादेश ने किस देश को अपना  चिट्टागोंग और मोंगला बंदरगाह इस्तेमाल करने  की स्वीकृति दी है?

1.श्रीलंका

2.म्यांमार

3.भारत

4.चीन

Q.10 2022 में एशियाई पैरालीम्पिक खेलों का चौथा संस्करण चीन का कौन सा शहर आयोजित करेगा?

1.बीजिंग

2.गुआंगज़ौ

3.हांग्जो

4.शंघाई

Q.11 कनाडा की कौन सी कंपनी ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन  लिमिटेड Reliance Gas Transportation Infrastructure Ltd को 14,000 करोड़ में खरीदेगी?

1.ब्रूकफील्ड

2.ईगल

3.जे.पी.मौरगन

4.एलियांज

Q.12 उमियम झील, जिसे बारापानी झील के नाम से भी जाना जाता है, किस राज्य में स्थित है?

1.त्रिपुरा

2.उत्तराखंड

3.मेघालय

4.मणिपुर

Q.13 मालवा पठार निम्नलिखित राज्य का का हिस्सा नहीं है?

1.राजस्थान

2.गुजरात

3.महाराष्ट्र

4. मध्य प्रदेश

Q.14  डॉलागोबिंदा प्रधान का हाल ही में निधन हो गया, यह कौन थे?

1.खिलाड़ी

2.पत्रकार

3.राजनेता

4.कवी

Q.15 बिग बास्केट किस ऑनलाइन किराना कंपनी के साथ संभावित विलय करेगी ?

1.रिलायंस फ्रेश

2.ग्रोफर्स

3.अमेज़न पैंट्री

4.बाजार कार्ट

Q.16 कौन सी ई वाणिज्य कंपनी ने ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा हॉटस्टार में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत की है?

1.अमेज़न

2.फ्लिपकार्ट

3.रिलायंस

4.एयरटेल

Q.17 राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार – देश का सर्वोच्च खेल सम्मान के लिए विराट कोहली के साथ किस एक और खिलाड़ी के नाम का प्रस्ताव भेजा गया है ?

1.पी वी सिंधु

2.साइना नेहवाल

3.मैरी कॉम

4.मीराबाई चानू

Q.18  केंद्र ने भारत के तीसरे सबसे बड़े बैंक बनाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और किस बैंक के विलय का प्रस्ताव रखा है?

1.कैनरा बैंक

2.सिंडिकेट बैंक

3.विजया बैंक

4.पंजाब और सिंध बैंक

Q.19 आजादी के बाद पहली भारतीय महिला आईएएस अधिकारी का हाल ही में निधन हुआ, इनका नाम क्या था?

1.अरुणा सुंदरराजन

2.बी चंद्रकला

3.मुगधा सिन्हा

4.अन्ना राजम मल्होत्रा

Q.20 भारतीय स्टेट बैंक ने किसे अपना मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त किया है?

1.प्रशांत कुमार

2.अंशुला कांत

3.विकाश भूषण

4.नविन मिश्रा

Q.21 जापान ओपन 2018 का महिला एकल का किताब किसने जीता?

1.नोज़ोमी ओकुहारा

2.युकी फुकुशिमा

3.सयाका हिरोटा

4.कैरोलिना मैरिन

Q.22  एम्मी पुरस्कार 2018 में बेस्ट ड्रामा का पुरस्कार किसे मिला ?

1.सेवन सेकण्ड्स

2.गेम्स ऑफ़ थ्रोन्स

3.द अमेरिकन्स

4.द क्राउन

Q.23 वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की एक रिपोर्ट के  अनुसार किस वर्ष तक 12 प्रमुख उद्योग क्षेत्र में मशीन 52% से अधिक मानव कार्य पर कब्ज़ा कर लेगी?

1.2040

2.2030

3.2025

4.2035

All Answer
Q1-2  ,Q2-3 , Q3-4, Q4-2, Q5-2,

Q6-3,Q7-4, Q8-2,Q9-3, Q10-3,

 Q11-1, Q12-3, Q13-3, Q14-3,

Q15-2,Q16-2, Q17-4, Q18-3,

Q19-4, Q20-1, Q21-4,

 Q22-2 ,Q23-3

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RBSE Supplementary Result 2018 rajeduboard.rajasthan.gov

RBSE Supplementary Result 2018-- 10वीं और 12वीं सप्लीमेंट्री के नतीजे इस तारीख को हो सकते हैं जारी, देखें rajeduboard.rajasthan.gov


rajasthan board RBSE 10th and 12th Supplementary result 2018: राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजूकेशन (RBSE या BSER) अजमेर के कक्षा 10 और 12वीं के सप्लीमेंट्री के रिजल्ट 20 सितंबर को जारी हो सकते हैं। राजस्थान बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov या  rajresults.nic.in पर नतीजे घोषित किए जाएंगे। 
ऐसे चेक कर सकेंगे RBSE Supplementary Result 2018
- सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in या rajresults.nic.in पर जाएं।

RBSE 10th Supplementary Result 2018 या RBSE 12th Supplementary Result 2018 के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना रोलनंबर और मांगे गए जरूरी डिटेल्स भरकर सब्मिट करें।
आपको बता दें कि राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 11 जून को घोषित किया गया था। 10वीं की परीक्षा में कुल 79.86 फीसदी छात्रों को सफलता मिली थी। इस बार सरकारी स्कूलों में 77.02 प्रतिशत और प्राइवेट स्कूलों में 83.31 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे। वहीं  12वीं में करीब 826,278 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। इसमें 42,665 कॉमर्स में, 246,254 साइंस में और 537,359 स्टूडेंट्स ह्यूमेनिटीज (आर्ट्स) में रजिस्टर्ड हुए थे।23 मई को आए नतीजों में साइंस व कॉमर्स में कुल 87.78 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए।


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Wednesday, September 19, 2018

KVS Recruitment 2018

KVS Recruitment 2018


 केन्द्रीय विद्यालय संगठन के द्वारा आयोजित 5193 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले ऐसे उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है. जिन लोगों ने अभी तक केन्द्रीय विद्यालय संगठन में पीजीटी, टीजीटी, प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के पदों के लिए आवेदन पत्र नहीं भरे हैं. ऐसे उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की आखिरी तारीख को बढ़ा दिया गया है. केवीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिसूचना के अनुसार आवेदन करने के अंतिम तारीख को 23 सितंबर, 2018 के लिए बढ़ा दिया गया है



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UPTET Eligibility and fee

यूपीटीईटी 2018: योग्यता
यूपीटीईटी 2018 पात्रता और आरक्षण दिशा निर्देश संचालन निकाय द्वारा निर्धारित किए जाते हैं. परीक्षा के लिए आवेदन करने से पहले व्यक्तियों को योग्यता मानदंडों की जांच करनी चाहिए. उनके बारे में एक संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है.
राष्ट्रीयता: उम्मीदवारों को यूपीटीईटी 2018 के लिए पात्र होने के लिए भारत के नागरिक होना चाहिए.
आयु सीमा: प्रतिभागियों को 18 से 35 वर्ष की उम्र के बीच होना चाहिए.
शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवारों को यूजीसी मान्यता प्राप्त स्नातक की डिग्री (बीएड, डी.एड, बीटीसी, आदि) होना चाहिए और योग्यता परीक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त करना चाहिए.
यूपीटीईटी आरक्षण: आरक्षण केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुसार लागू होगा. एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणी के लिए सीट आरक्षित होंगी.
यूपीटीईटी 2018: आवेदन शुल्क
1- सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए- 400 रुपए
2- एससी-एसटी के लिए- 200 रुपए
3- दिव्यांगों को शुल्क से छूट
यूपीटीईटी 2018: आवेदन पत्र कैसे भरें, आवेदन प्रक्रिया में 5 कदम होंगे.
1- यूपीटीईटी आवेदन पत्र भरने के लिए यूपीबीईबी की आधिकारिक वेबसाइट पर upbeb.org और upbasiceduboard.gov.in पर जाएं.
2- ऑनलाइन पंजीकरण- अभ्यर्थियों को अपने और उनके अकादमिक योग्यता के बारे में बुनियादी विवरण दर्ज करना होगा.
3- दस्तावेज अपलोड करें- प्रतिभागियों को फॉर्म पर दिए निर्देशों के अनुसार अपनी हालिया, पासपोर्ट आकार की तस्वीर और हस्ताक्षर अपलोड करना होगा.
4- आवेदन पत्र मुद्रित करें- उपरोक्त सभी चरणों को पूरा करने के बाद, उन्हें आगे की प्रक्रियाओं के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट आउट लेना चाहिए.

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Tuesday, September 18, 2018

UPTET 2018 Online Application To Start On 18 Sep Afternoon

Exam Regulatory Authority Uttar Pradesh is conducting UPTET 2018 (Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test) on November 4, 2018 as per government order number 1263/68-4-2018-2750/2012. Interested candidates are invited to apply online and important instructions for the same are announced.
UPTET 2018 apply online link shall be activated on September 18, 2018. Candidates can fill online form and pay fee online. Aspirants get a window of more than two weeks to apply online until October 4, 2018 until 6 PM. Last date to pay fee is October 5, 2018. Those who apply and submit form online can print in until October 6, 2018, 6 PM. Check details online.

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Gk quiz

1.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना→→→1885 ई.
2. बंग-भंग आंदोलन(स्वदेशी आंदोलन)→→→1905 ई.
3. मुस्लिम लीग की स्थापना→→→1906 ई. 4.कांग्रेस का बंटवारा→→→1907 ई.
5. होमरूल आंदोलन1916 ई.
6. लखनऊ पैक्ट→→→दिसंबर 1916 ई.
7. मांटेग्यू घोषणा→→→20 अगस्त 1917 ई. 8. रौलेट एक्ट→→→19 मार्च 1919 ई.
9. जालियांवाला बाग हत्याकांड→→→13 अप्रैल 1919 ई.
10. खिलाफत आंदोलन→→→1919 ई.
11. हंटर कमिटी की रिपोर्ट प्रकाशित→→→18 मई 1920 ई.
12. कांग्रेस का नागपुर अधिवेशन→→→दिसंबर 1920 ई.
13. असहयोग आंदोलन की शुरुआत→→→1 अगस्त 1920 ई.
14. चौरी-चौरा कांड→→→5 फरवरी 1922 ई. 15. स्वराज्य पार्टी की स्. थापना→→→1 जनवरी 1923 ई.
16. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन→→→अक्टूबर 1924 ई.
17. साइमन कमीशन की नियुक्ति→→→8 नवंबर 1927 ई.
18. साइमन कमीशन का भारत आगमन→→→3 फरवरी 1928 ई.
19. नेहरू रिपोर्ट→→→अगस्त 1928 ई.
20. बारदौली सत्याग्रह→→→अक्टूबर 1928 ई.
21. लाहौर पड्यंत्र केस→→→8 अप्रैल 1929 ई.
22. कांग्रेस का लाहौर अधिवेशनदिसंबर 1929 ई.
23. स्वाधीनता दिवस की घोषणा→→→2 जनवरी 1930 ई.
24. नमक सत्याग्रह→→→12 मार्च 1930 ई. से 5 अप्रैल 1930ई. तक.
25. सविनय अवज्ञा आंदोलन→→→6 अप्रैल 1930 ई.
26. प्रथम गोलमेज आंदोलन→→→12 नवंबर 1930 ई.
27. गांधी-इरविन समझौता→→→8 मार्च 1931 ई.
28.द्वितीय गोलमेज सम्मेलन→→→7 सितंबर 1931 ई
29. कम्युनल अवार्ड (साम्प्रदायिक पंचाट)→→→16 अगस्त 1932 ई.
30.पूना पैक्ट→→→सितंबर 1932 ई.
31. तृतीय गोलमेज सम्मेलन→→→17 नवंबर 1932 ई.
32. कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन→→→मई 1934 ई.
33. फॉरवर्ड ब्लाक का गठन→ →→1 मई 1939 ई.
34. मुक्ति दिवस→→→22 दिसंबर 1939 ई. 35पाकिस्तान की मांग→→→24 मार्च 1940 ई. 36. अगस्त प्रस्ताव→→→8 अगस्त 1940 ई. 37. क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव→→→मार्च 1942 ई
.38. भारत छोड़ो प्रस्ताव→→→8 अगस्त 1942 ई.
39. शिमला सम्मेलन→→→ 25 जून 1945 ई. 40. नौसेना का विद्रोह→→→19 फरवरी 1946 ई.
41. प्रधानमंत्री एटली की घोषणा→→→15 मार्च 1946 ई.
42. कैबिनेट मिशन का आगमन→→→24 मार्च 1946 ई.
43. प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस→→→16 अगस्त 1946 ई.
44. अंतरिम सरकार की स्थापना→→→2 सितंबर 1946 ई.
45. माउंटबेटन योजना→→→3 जून 1947 ई

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Monday, September 17, 2018

PM Narendra modi's birthday

भारतीय प्रधानमंत्री दामोदरदास नरेंद्रमोदी का जन्मदिन - 17 सितंबर

मोदी जी का जन्म 17 सितंबर 1950 में गुजरात के  वड़नगर में हुआ। 7 अक्टूबर,2001 से 22 मई ,2014 तक लगातार तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री  रहे । 2014 में वाराणसी सीट से लोकसभा का चुनाव के बाद 26 मई, 2014 को देश के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने जो आजादी के बाद पैदा हुऐ ।2014 में फोबर्स पत्रिका ने इन्हें दुनिया का 15वां सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बताया।

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Sunday, September 16, 2018

16 september world ozone day

16 september : world ozone day
16 सितंबर : विश्व ओजोन दिवस

विश्व ओज़ोन दिवस (अंग्रेज़ी:World Ozone Day) या ‘ओज़ोन परत संरक्षण दिवस’ 16 सितम्बर को पूरे विश्व में मनाया जाता है।

23 जनवरी, 1995 को संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO)की आम सभा में पूरे विश्व में इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय ओज़ोन दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। उस समय लक्ष्य रखा गया कि पूरे विश्व में 2010 तक ओज़ोन मित्र वातावरण बनाया जाए। यह लक्ष्य 2010 तक भी पूरी तरह से प्राप्त नही किया जा सका है।

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Story of a bird - Eagle (Story of Eagle)(Life of eagle)

Story of a bird - Eagle
 (Story of Eagle) 
 (Life of eagle)

बाज लगभग 70 वर्ष जीता है,
परन्तु अपने जीवन के 40वें वर्ष में आते आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है।

उस अवस्था में उसके शरीर के तीन प्रमुख अंग निष्प्रभावी होने लगते हैं-

1. पंजे लम्बे और लचीले हो जाते है व
शिकार पर पकड़ बनाने में अक्षम होने लगते हैं।

2. चोंच आगे की ओर मुड़ जाती है और भोजन निकालने में व्यवधान उत्पन्न करने लगती है।

3. पंख भारी हो जाते हैं, और सीने से चिपकने के कारण पूरे खुल नहीं पाते हैं, उड़ानें सीमित कर देते हैं।

भोजन ढूँढ़ना, भोजन पकड़ना
और भोजन खाना....
तीनों प्रक्रियायें अपनी धार खोने लगती हैं।

उसके पास तीन ही विकल्प बचते हैं,
या तो देह त्याग दे,
या अपनी प्रवृत्ति छोड़ गिद्ध की तरह त्यक्त भोजन पर निर्वाह करे...
या फिर
स्वयं को पुनर्स्थापित करे,
आकाश के निर्द्वन्द्व एकाधिपति के रूप में।

जहाँ पहले दो विकल्प सरल और त्वरित हैं,
वहीं तीसरा अत्यन्त पीड़ादायी और लम्बा।

बाज पीड़ा चुनता है
और स्वयं को पुनर्स्थापित करता है।

वह किसी ऊँचे पहाड़ पर जाता है,
एकान्त में अपना घोंसला बनाता है,
और तब प्रारम्भ करता है पूरी प्रक्रिया।

सबसे पहले वह अपनी चोंच चट्टान पर मार मार कर तोड़ देता है..!
अपनी चोंच तोड़ने से अधिक पीड़ादायक कुछ भी नहीं पक्षीराज के
लिये।
तब वह प्रतीक्षा करता है
चोंच के पुनः उग आने की।

उसके बाद वह अपने पंजे भी उसी प्रकार तोड़ देता है और प्रतीक्षा करता है पंजों के पुनः उग आने की।
नये चोंच और पंजे आने के बाद
वह अपने भारी पंखों को एक एक कर नोंच कर निकालता है और प्रतीक्षा करता पंखों के पुनः उग आने की।

150 दिन की पीड़ा और प्रतीक्षा...
और तब उसे मिलती है वही भव्य और ऊँची उड़ान, पहले जैसी नयी।

इस पुनर्स्थापना के बाद वह 30 साल और जीता है,
ऊर्जा, सम्मान और गरिमा के साथ।

प्रकृति हमें सिखाने बैठी है-
पंजे पकड़ के प्रतीक हैं,
चोंच सक्रियता की और
पंख कल्पना को स्थापित करते हैं।

इच्छा परिस्थितियों पर नियन्त्रण बनाये रखने की,
सक्रियता स्वयं के अस्तित्व की गरिमा बनाये रखने की,
कल्पना जीवन में कुछ नयापन बनाये रखने की।

इच्छा, सक्रियता और कल्पना...
तीनों के तीनों निर्बल पड़ने लगते हैं.. हममें भी चालीस तक आते आते।

हमारा व्यक्तित्व ही ढीला पड़ने लगता है,
अर्धजीवन में ही जीवन
समाप्तप्राय सा लगने लगता है,
उत्साह, आकांक्षा, ऊर्जा....
अधोगामी हो जाते हैं।

हमारे पास भी कई विकल्प होते हैं-
कुछ सरल और त्वरित.!
कुछ पीड़ादायी...!!

हमें भी अपने जीवन के विवशता भरे
अतिलचीलेपन को त्याग कर नियन्त्रण दिखाना होगा-
बाज के पंजों की तरह।

हमें भी आलस्य उत्पन्न करने वाली वक्र मानसिकता को त्याग कर ऊर्जस्वित सक्रियता दिखानी होगी-
"बाज की चोंच की तरह।"

हमें भी भूतकाल में जकड़े अस्तित्व के
भारीपन को त्याग कर कल्पना की उन्मुक्त उड़ाने भरनी होंगी-
"बाज के पंखों की तरह।"

150 दिन न सही, तो एक माह ही बिताया जाये, स्वयं को पुनर्स्थापित करने में।
जो शरीर और मन से चिपका हुआ है, उसे तोड़ने और नोंचने में पीड़ा तो होगी ही,
बाज तब उड़ानें भरने को तैयार होंगे,
इस बार उड़ानें
और ऊँची होंगी,
अनुभवी होंगी,
अनन्तगामी होंगी....!

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Saturday, September 15, 2018

Important events of september 5

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5 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ .

1666 - लंदन में लगी भीषण आग में 13,200 घर क्षतिग्रस्त हो गये और आठ लोगों की मौत हो गयी।

 1798 - फ्रांस में अनिवार्य सैन्य सेवा कानून प्रभाव में आया।

1836 - सैम ह्यूस्टन टेक्सास गणराज्य के राष्ट्रपति निर्वाचित।

1839 - चीन में पहला अफ़ीम युद्ध शुरू हुआ।

1914 - ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम और रूस के बीच लंदन समझौता हुआ।

 1944 - ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने अपनी स्कॉटलैंड यात्रा शुरू की।

1972 - म्यूनिख ओलंपिक के दौरान फिलीस्तीनी समूह ब्लैक सितम्बर ने 11 इजरायली एथलीटों को बंधक बना लिया और बाद में उनकी हत्या कर दी।

 1975 - पुर्तग़ाल के प्रधानमंत्री गोंसालवेज़ ने अपने पद से इस्तीफा दिया।

1987 - अमेरिका के टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकनरॉय पर उनके बयान के लिये 17,500 डॉलर का जुर्माना ठोका गया।

 1991 - नेल्सन मंडेला अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गये।

 1997 - अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति ने सन् 2004 में होने वाले ग्रीष्म ओलम्पिक खेलों का आयोजन एथेन्स में कराने का निश्चय किया।

1999 - वाई नदी समझौते को कार्यान्वित करने तथा रुकी हुई पश्चिमी एशिया शांति वार्ता को आगे बढ़ाने हेतु इस्रायल के प्रधानमंत्री एहुद बराक तथा यासिर अराफ़ात के मध्य शर्म अल शेख़ (मिस्र) में शांति समझौते पर हस्ताक्षर।

 2000 - नील्जिमालम्बा रूस में अंतर्राष्ट्रीय महिला संगठन की अध्यक्ष नियुक्त, वे इस पद को सुशोभित करने वाली पहली एशियाई महिला हैं।

2001 - फिजी में महेन्द्र चौधरी, जार्ज स्पेट और लाइसेनिया करासे संसद हेतु चुने गये।

2002 - अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई पर जानलेवा हमला, पर वे सुरक्षित रहे।

2005 - मंडला एयरलाइंस का विमान 091 इंडोनेशिया में सुमात्रा के एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उसमें सवार 104 लोगों के अलावा आवासीय क्षेत्र के 39 लोगों की मौत हो गई।

2008- रतन टाटा के नेतृत्व में सोसायटी ऑफ़ इण्डियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेंट की।

 2009- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने दस कम्पनियों पर शेयर बाज़ार में क़ारोबार करने पर प्रतिबंध लगाया।

 2014 - विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के मुताबिक, गिनी, लाइबेरिया, नाइजीरिया, सेनेगल और सिएरा लियोन में इबाेला वायरस से संक्रमित 3500 लोगों में से 1900 लोगों की मौत हो गयी।

5 सितंबर को जन्मे व्यक्ति

 1986 - प्रज्ञान ओझा, भारतीय क्रिकेटर

1933 - लक्ष्मीनारायण रामदास - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने के लिए 'रेमन मैग्सेसे पुरस्कार' पाने वाले भारतीय।

 1910 - फ़िरोज़ पलिया, भारतीय क्रिकेटर

1905 - वाचस्पति पाठक - प्रसिद्ध उपन्यासकार।

1888 - सर्वपल्ली राधाकृष्णन -भारत के दूसरे राष्ट्रपति

1872 - चिदंबरम पिल्लई - तमिल भाषा के विद्वान् और प्रख्यात समाज-सुधारक।

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15 september is celebrated as

15 september is celebrated as   

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस: 15 सितंबर 

अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस 15 सितंबर को विश्व स्तर पर मनाया जाता है. यह दुनिया में लोकतंत्र की स्थिति की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करता है. IDD के लिए विषय 'Democracy under Strain: Solutions for a Changing World' है.

यह दिवस लोकतंत्र के प्रचार और एकीकरण के लिए समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए 2007 में एक प्रस्ताव के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित किया गया था. यह दिवस पहली बार 2008 में मनाया गया था.

एंटोनियो गुटेरेश संयुक्त राष्ट्र के महासचिव हैं.

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में है

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ਮੋਬਾਈਲ ਦੀ ਵਰਤੋ

ਮੋਬਾਈਲ ਦੀ ਵਰਤੋ 
       
ਅੱਜ ਅਧੁਨਿਕ ਯੁੱਗ ਵਿਚ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਮਾਧਿਅਮਾਂ ਦੇ ਵਿਕਸਿਤ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਪੂਰੀ ਦੁਨੀਆ ਇਕ ਪਿੰਡ ਦਾ ਰੂਪ ਧਾਰਨ ਕਰ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਕੋਈ ਸਮਾਂ ਸੀ, ਜਦੋਂ ਮਨੁੱਖ ਨੇ ਹਾਲੇ ਇੰਨੀ ਤਰੱਕੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਇਕ ਥਾਂ ਤੋਂ ਦੂਜੀ ਥਾਂ ’ਤੇ ਅੱਖ ਝਪਕਣ ਜਿੰਨੇ ਲੱਗਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿਚ ਪਹੁੰਚਾ ਸਕਦਾ। ਪਰੰਤੂ ਵਰਤਮਾਨ ਵਿਚ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਪੱਖ ਤੋਂ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੈਸ ਮਨੁੱਖ, ਸੰਚਾਰ ਤਕਨੀਕਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਇੱਕੋ ਥਾਂ ਬੈਠਿਆਂ ਪੂਰੀ ਦੁਨੀਆ ਵਿਚ ਕਿਧਰੇ ਵੀ ਬੈਠੇ ਕਿਸੇ ਦੂਜੇ ਇਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨਾਲ ਹੀ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਇੱਕ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕਈ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨਾਲ ਇੰਝ ਗੱਲਾਂ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਆਹਮੋਂ-ਸਾਹਮਣੇ ਬੈਠ ਕੇ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਦੀਆਂ ਹਨ।


ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਪੱਖ ਤੋਂ ਜੇਕਰ ਇਸ ਦੇ ਉਪਕਰਨਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਅੱਜ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੇਰੇ ਪ੍ਰਚਲਿਤ ਅਤੇ ਆਸਾਨ ਮਾਧਿਅਮ ਹੈ। ਅੱਜ ਹਰੇਕ ਵਿਅਕਤੀ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਦਾ ਭਰਪੂਰ ਲਾਭ ਉਠਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਵਿਕਸਿਤ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਨਵੀਨਤਮ ਤਕਨੀਕ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਦੂਰ-ਦੁਰੇਡੇ ਬੈਠੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਵਿਚਕਾਰ ਗੱਲ ਕਰਨੀ ਆਸਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਲਿਖਤੀ ਰੂਪ ਵਿਚ ਸੁਨੇਹੇ (ਐਸ. ਐਮ. ਐਸ, ਵਟਸਐਪ ਤਕਨੀਕ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸ਼ੋਸਲ ਸਾਇਟਸ ਇੰਟਰਨੈਟ ਨਾਲ ਲਈ ਗਈ ਮਦਦ ਨਾਲ) ਵੀ ਭੇਜੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਬਲਕਿ ਹੋਰ ਤਾਂ ਹੋਰ ਅਸੀਂ ਵਧੇਰੇ ਵਿਕਸਿਤ ਮੋਬਾਇਲ ਉਪਕਰਨਾਂ ਅਤੇ ਨੈਟਵਰਕ ਤਕਨੀਕਾਂ ਰਾਹੀਂ ਮੋਬਾਇਲ ਤੇ ਆਹਮੋ-ਸਾਹਮਣੇ ਇੱਕ-ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਵੇਖ ਕੇ ਗੱਲ-ਬਾਤ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾ।

ਜੇ ਇੰਝ ਕਹਿ ਲਿਆ ਜਾਵੇ ਕਿ ਤਕਨੀਕ ਨੇ ਸਾਨੂੰ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਪੱਖ ਤੋਂ ਇਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸੰਪੰਨ ਮਨੁੱਖ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿਚ ਕੋਈ ਅਤਿ ਕਥਨੀ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ।ਪਰੰਤੂ ਹੁਣ ਸਵਾਲ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈਕਿ ਕੀ ਅਸੀਂ ਇਸ ਤਕਨੀਕ ਦੀ ਠੀਕ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਜਾਂ ਨਹੀਂ? ਇਹ ਇਕ ਗੰਭੀਰ ਅਤੇ ਬੇਹੱਦ ਵਿਚਾਰਨਯੋਗ ਪਹਿਲੂ ਹੈ।ਅੱਜ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਤਕਨੀਕ ਨੇ ਸਾਡੇ ਜੀਵਨ ਵਿਚ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਦਲਾਅ ਲਿਆਂਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਜਿੱਥੇ ਅਸੀਂ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਠੀਕ ਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਆਪਣੀ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੀ ਜੀਵਨ-ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨੂੰ ਸੁਚਾਰੂ ਢੰਗ ਨਾਲ ਚਲਾ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਉੱਥੇ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਦੇ ਪੱਖ ਤੋਂ ਵੀ ਅਸੀਂ ਘੱਟ ਨਹੀਂ। ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਕਰਕੇ ਅਜੌਕੇ ਨੌਜਵਾਨ ਵਰਗ ਨੇ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਜਿੰਨੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਜਾਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਕਈ ਮਾੜੇ ਨਤੀਜੇ ਸਾਨੂੰ ਅਕਸਰ ਹੀ ਅਖ਼ਬਾਰਾਂ ਆਦਿ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹਨ-ਸੁਣਨ, ਜਾਂ ਆਪਣੇ ਆਲੇ- ਦੁਆਲੇ ਸਮਾਜ ਵਿਚ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦੇ ਹਨ।


ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਵਿਚ ਇੰਟਰਨੈਟ ਅਤੇ ਸੋਸ਼ਲ ਸਾਈਟਸ ਦੀ ਹੋਂਦ ਨੇ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਜਿਹੇ ਮਸਲੇ ਵੀ ਖੜ੍ਹੇ ਕੀਤੇ ਹਨ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਿੱਧੇ ਜਾਂ ਅਸਿੱਧੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਕਈ ਮਾੜੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪਾਏ ਹਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਮਸਲਿਆਂ ਵਿਚ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਰੂਪ ਵਿਚ ਲੜਕੀਆਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ, ਮੋਬਾਇਲ ਦੇ ਕੈਮਰਿਆਂ ਰਾਹੀਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਤਸਵੀਰਾਂ ਖਿੱਚ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਛੇੜ-ਛਾੜ, ਮਨਚਲੇ ਅਤੇ ਅਵਾਰਾ ਕਿਸਮ ਦੇ ਲੜਕਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਸਕੂਲਾਂ ਕਾਲਜਾਂ ਨੂੰ ਆਉਣ-ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਅਤੇ ਬੱਸਾ, ਗੱਡੀਆਂ ਆਦਿ ਵਿਚ ਸਫਰ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਲੜਕੀਆਂ ਦੀ ਵੀਡਿਓ ਆਦਿ ਬਣਾ ਕੇ ਉਸ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਨਾ,ਮੋਬਾਇਲ ਰਾਹੀਂ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ’ਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਸੰਪਰਦਾਇਕਤਾ ਪੱਖੋਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਧਾਰਮਿਕ ਭਾਵਨਾਵਾਂ ਨਾਲ ਖਿਲਵਾੜ ਕਰਨਾ, ਅਸ਼ਲੀਲਤਾ ਫੈਲਾਉਣਾ, ਹਿੰਸਕ-ਰੂਪੀ ਵਿਚਾਰਾਂ ਦਾ ਅਦਾਨ-ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ ਆਦਿ ਮੁੱਖ ਵਰਤਾਰੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿਚ ਸਾਡੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੇ ਹਨ।ਇੰਨਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਬਲਕਿ ਨੌਜਵਾਨ ਵਰਗ ਨੂੰ ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦਾ ਆਦੀ ਹੋਣ ਦੀ ਪ੍ਰਵਿਰਤੀ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰ ਤੋਂ ਵੀ ਤੋੜ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।

ਲਗਾਤਾਰ ਮੋਬਾਇਲ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਚਲੀਆਂ ਤਕਨੀਕਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨੇ ਇਸ ਨੂੰ ਵਰਤਣ ਵਾਲੇ ਮਨੁੱਖ ਦੇ ਦਿਮਾਗ ਨੂੰ ਅਜਿਹੀ ਸੰਕਟਮਈ ਸਥਿਤੀ ਵਿਚ ਫਸਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਕਈ ਵਾਰ ਉਹ ਸਾਹਮਣੇ ਖੜੇ ਵਿਅਕਤੀ ਦੁਆਰਾ, ਉਸ ਨਾਲ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾਣ ਵਾਲੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਨੂੰ ਸਮਝਣ ਵਿਚ ਵੀ ਅਸਮਰੱਥਤਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੀਤੀ ਗਈ ਗੱੱਲ ਨੂੰ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਪੁੱਛਦਾ ਹੈ, ਕਿ ਉਸ ਨੂੰ ਦੂਜੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੇ ਕੀ ਕਿਹਾ ਹੈ? ਸੋ ਮੋਬਾਇਲ ਦੀ ਹੋਂਦ ਨੇ ਬੇਸ਼ੱਕ ਇੰਟਰਨੈਟ ਅਤੇ ਸੋਸ਼ਲ ਸਾਈਟਸ ਰਾਹੀਂ ਸਾਡੇ ਦੋਸਤਾਂ-ਮਿੱਤਰਾਂ ਦੀਆਂ ਕਤਾਰਾਂ ਲੰਬੀਆਂ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਹਨ ਪਰੰਤੂ ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਦਾ ਲਗਾਤਾਰ ਘਾਣ ਕਰਦੇ ਹੋਏਆਪਣੇ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ, ਭੈਣ-ਭਰਾਵਾਂ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਟੁੱਟਦੇ ਜਾਂ ਰਹੇ ਹਾਂ।ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਇਕ ਹੋਰ ਬੇਹੱਦ ਖਤਰਨਾਕ ਸਮੱਸਿਆ ਵੀ ਕਾਫ਼ੀ ਚਰਚਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਸ ਉਪਕਰਨ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੀਆਂ ਤਰੰਗਾਂ ਨਾਲ ਸੰਬਧਿਤ ਹੈ।


ਮੋਬਾਇਲ ਫ਼ੋਨ ਤਕ ਸਿਗਨਲ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਵਾਲੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮੋਬਾਈਲ ਸੇਵਾ ਪ੍ਰਦਾਤਾਵਾ ਕੰਪਨੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਏ ਗਏ ਟਾਵਰਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੀਆਂ ਬੇਹੱਦ ਘਾਤਕ ਤਰੰਗਾਂ ਮੋਬਾਇਲ ਦੀ ਬਹੁਤ ਜਿਆਦਾ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਘਾਤਕ ਵੀ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਕਈ ਸਰੀਰਕ ਤੇ ਦਿਮਾਗੀ ਰੋਗ ਵੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਜਿਸ ਨੂੰ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਰੱਖਦੇ ਹੋਏ ਮੋਬਾਇਲ ਦੀ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਵਰਤੋਂ ਹੀ ਠੀਕ ਹੈ।ਸੋ ਸਾਨੂੰ ਲੋੜ੍ਹ ਹੈ ਕਿ ਸੰਚਾਰ ਦੇ ਇਸ ਬਹੁਮੁੱਲੇ ਸਾਧਨ ਨੂੰ ਯੋਗ ਅਤੇ ਵਾਜਬ ਢੰਗ-ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਮਰਯਾਦਾ ਵਿਚ ਰਹਿ ਕੇ ਵਰਤਣ ਦੀ, ਤਾਂਕਿ ਜਿੱਥੇ ਸਾਡਾ ਸਮਾਜ ਇਸ ਦੀ ਗਲਤ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਨਾ ਹੋਵੇ, ਉੱਥੇ ਅਸੀਂ ਖੁਦ ਵੀ ਆਪਣੇ ਘਰੇਲੂ ਪਰਿਵਾਰ ਅਤੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਤੱਖ ਰੂਪ ਵਿਚ ਸਾਡੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਵਿਚਰਦੇ ਸੱਜਣਾਂ-ਮਿਤਰਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਰਹੀਏ।

                  ਧੰਨਵਾਦ।

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Wednesday, August 29, 2018

मांस का मूल्य ( price of meat)

मांस का मूल्य?( Price of meat)  

मगध सम्राट चन्द्रगुप्त ने एक बार अपनी सभा मे पूछा :

देश की खाद्य समस्या को सुलझाने के लिए

सबसे सस्ती वस्तु क्या है ?

मंत्री परिषद् तथा अन्य सदस्य सोच में पड़ गये ! चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा आदि तो बहुत श्रम के बाद मिलते हैं और वह भी तब, जब प्रकृति का प्रकोप न हो, ऎसी हालत में अन्न तो सस्ता हो ही नहीं सकता !

तब शिकार का शौक पालने वाले एक सामंत ने कहा :
राजन,

सबसे सस्ता खाद्य पदार्थ मांस है,

इसे पाने मे मेहनत कम लगती है और सभी ने इस बात का समर्थन किया, लेकिन प्रधान मंत्री चाणक्य चुप थे ।

तब सम्राट ने उनसे पूछा :
आपका इस बारे में क्या मत है ?

चाणक्य ने कहा : मैं अपने विचार कल आपके समक्ष रखूंगा !

रात होने पर प्रधानमंत्री उस सामंत के महल पहुंचे, सामन्त ने द्वार खोला, इतनी रात गये प्रधानमंत्री को देखकर घबरा गया ।

प्रधानमंत्री ने कहा :
शाम को महाराज एकाएक बीमार हो गये हैं, राजवैद्य ने कहा है कि किसी बड़े आदमी के हृदय का दो तोला मांस मिल जाए तो राजा के प्राण बच सकते हैं, इसलिए मैं आपके पास आपके हृदय 💓 का सिर्फ दो तोला मांस लेने आया हूं । इसके लिए आप एक लाख स्वर्ण मुद्रायें ले लें ।

यह सुनते ही सामंत के चेहरे का रंग उड़ गया, उसने प्रधानमंत्री के पैर पकड़ कर माफी मांगी और

उल्टे एक लाख स्वर्ण मुद्रायें देकर कहा कि इस धन से वह किसी और सामन्त के हृदय का मांस खरीद लें ।

प्रधानमंत्री बारी-बारी सभी सामंतों, सेनाधिकारियों के यहां पहुंचे और

सभी से उनके हृदय का दो तोला मांस मांगा, लेकिन कोई भी राजी न हुआ, उल्टे सभी ने अपने बचाव के लिये प्रधानमंत्री को एक लाख, दो लाख, पांच लाख तक स्वर्ण मुद्रायें दीं ।

इस प्रकार करीब दो करोड़ स्वर्ण मुद्राओं का संग्रह कर प्रधानमंत्री सवेरा होने से पहले वापस अपने महल पहुंचे और समय पर राजसभा में प्रधानमंत्री ने राजा के समक्ष दो करोड़ स्वर्ण मुद्रायें रख
 दीं ।

सम्राट ने पूछा :
यह सब क्या है ?
तब प्रधानमंत्री ने बताया कि दो तोला मांस खरिदने के लिए

इतनी धनराशि इकट्ठी हो गई फिर भी दो तोला मांस नही मिला ।

राजन ! अब आप स्वयं विचार करें कि मांस कितना सस्ता है ?

जीवन अमूल्य है, हम यह न भूलें कि जिस तरह हमें अपनी जान प्यारी है, उसी तरह सभी जीवों को भी अपनी जान उतनी ही प्यारी है। लेकिन वो अपना जान बचाने मे असमर्थ है।

और मनुष्य अपने प्राण बचाने हेतु हर सम्भव प्रयास कर सकता है । बोलकर, रिझाकर, डराकर, रिश्वत देकर आदि आदि ।

पशु न तो बोल सकते हैं, न ही अपनी व्यथा बता सकते हैं ।

तो क्या बस इसी कारण उनसे जीने का अधिकार छीन लिया जाय ।

शुद्ध आहार, शाकाहार !
मानव आहार, शाकाहार !

अगर ये लेख आपको अच्छा लगे तो हर व्यक्ति तक जरुर भेजे।

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Monday, August 27, 2018

ਸਹੀ ਹੈ?

*ਸਹੀ ਹੈ ????*

ਇਕ ਆਦਮੀ ਸਵੇਰੇ ਜਾਗਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਾਇਲਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ,
ਸਾਬਣ ਨਾਲ ਹਥ ਧੋਂਦਾ ਹੈ,

ਦੰਦਾਂ ਨੂੰ ਬਰੱਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ,
ਨਹਾਉਂਦਾ ਹੈ ,

ਤਿਆਰ ਹੋ ਕੇ ਅਖਬਾਰਾਂ ਪੜ੍ਹਦਾ ਹੈ ,

ਨਾਸ਼ਤਾ ਕਰਦਾ ਹੈ ,

ਘਰੋਂ ਕੰਮ ਵਾਸਤੇ ਨਿੱਕਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ,

ਰਿਕਸ਼ਾ ਫੜਦਾ ਹੈ , ਲੋਕਲ ਬੱਸ ਲੋਕਲ ਟਰੇਨ ਜਾਂ ਆਪਣੇ ਸਾਧਨ ਰਾਹੀਂ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਆਪਣੇ ਕੰਮ ਧੰਦੇ 'ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।

ਓਥੇ ਪੂਰਾ ਦਿਨ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ , ਚਾਹ ਪਾਣੀ ਪੀਂਦਾ ਹੈ ,
ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਘਰ ਵਾਸਤੇ ਚਲ ਪੈਂਦਾ ਹੈ।

ਘਰ ਆਉਂਦਿਆਂ ਰਸਤੇ ਚ ਬਚਿਆਂ ਵਾਸਤੇ ਟਾਫੀਆਂ , ਮਠਿਆਈਆਂ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ,

ਮੋਬਾਈਲ ਵਿੱਚ ਰੀਚਾਰਜ ਕਰਵਾਉਂਦਾ ਹੈ ,

ਹੋਰ ਛੋਟੇ ਮੋਟੇ ਕੰਮ ਨਿਪਟਾਉਂਦਾ ਹੋਇਆ ਘਰ ਪਹੁੰਚਦਾ ਹੈ ,

ਹੁਣ ਦੇਖੋ ਉਸਨੂੰ  ਦਿਨ   ਭਰ ਕਿਤੇ  ਕੋਈ "ਹਿੰਦੂ"  "ਮੁਸਲਮਾਨ"  ਜਾਂ ਕੋਈ ਕਥਿਤ "ਦਲਿਤ"  ਮਿਲਿਆ ?ਕੀ ਉਸਨੇ  ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ "ਹਿੰਦੂ"  "ਮੁਸਲਮਾਨ" ਜਾਂ "ਦਲਿਤ" ਉੱਤੇ ਕੋਈ ਅਤਿਆਚਾਰ ਕੀਤਾ ?
ਉਸਨੂੰ ਦਿਨ ਭਰ ਜੋ ਮਿਲੇ ਉਹ ਸਨ •••••••ਅਖਬਾਰ ਵਾਲਾ ਭਾਈ ,

ਦੁੱਧ ਵਾਲਾ ਭਾਈ ,

ਰਿਕਸ਼ੇ ਵਾਲਾ ਭਾਈ ,

ਬਸ ਕੰਡਕਟਰ ,

ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕੰਮ ਕਾਰ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਦੇ ਦੋਸਤ ਮਿੱਤਰ ,

ਕੁਝ ਅਨਜਾਣ ਲੋਕ ,

ਚਾਹ ਵਾਲਾ ਭਾਈ,

ਕਰਿਆਨੇ ਵਾਲਾ ਭਾਈ ,

ਮਠਿਆਈਆਂ ਵਾਲਾ ਭਾਈ ,

ਜਦੋਂ ਇਹ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਭਾਈ ਅਤੇ ਦੋਸਤ ਮਿੱਤਰ ਹਨ ਤਾਂ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ "ਹਿੰਦੂ"  "ਮੁਸਲਮਾਨ" ਜਾਂ "ਦਲਿਤ" ਕਿੱਥੇ ਹਨ ??

ਦਿਨ ਭਰ ਉਸਨੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਪੁੱਛਿਆ ਕਿ ਭਾਈ ਤੂੰ "ਹਿੰਦੂ" ਹੈਂ ?  "ਮੁਸਲਮਾਨ" ਹੈਂ ?? ਜਾਂ "ਦਲਿਤ" ਹੈਂ ???

ਜੇ ਤੂੰ "ਮੁਸਲਮਾਨ"  "ਹਿੰਦੂ" ਜਾਂ ਕਥਿਤ "ਦਲਿਤ" ਹੈਂ ਤਾਂ ਤੇਰੀ ਬਸ ਵਿੱਚ ਸਫਰ ਨਹੀਂ ਕਰਾਂਗਾ ,

ਤੇਰੇ ਹੱਥੋਂ ਚਾਹ ਨਹੀਂ ਪੀਵਾਂਗਾ,

ਤੇਰੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਸਮਾਨ ਨਹੀਂ ਖਰੀਦਾਂਗਾ ,

ਕੀ ਉਸਨੇ ਘਰ ਦਾ ਸਮਾਨ ਖਰੀਦਣ ਸਮੇਂ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਇਹ ਸਵਾਲ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਹ ਸਭ ਸਮਾਨ ਬਨਾਉਣ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਉਗਾਉਣ ਵਾਲੇ ਹਿੰਦੂ  ਮੁਸਲਮਾਨ ਜਾਂ ਕਥਿਤ ਦਲਿਤ ਹਨ ?

"ਜੇ ਸਾਡੀ ਰੋਜਮਰਾ ਦੀ ਜਿੰਦਗੀ ਚ ਮਿਲਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕ ਹਿੰਦੂ ਮੁਸਲਮਾਨ ਜਾਂ ਕਥਿਤ ਦਲਿਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੇ ਤਾਂ ਫਿਰ ਕੀ ਕਾਰਣ ਹੈ ਕਿ "ਵੋਟਾਂ" ਆਉਂਦਿਆਂ ਹੀ ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਹਿੰਦੂ , ਮੁਸਲਮਾਨ, ਸਿੱਖ , ਜਾਂ ਕਥਿਤ ਦਲਿਤ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਾਂ ?

ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਦੇ ਤਿੰਨ ਜਹਿਰ :

ਟੈਲੀਵਿਜ਼ਨ ਦੀ ਬਕਵਾਸ ਬਹਿਸ ,

ਰਾਜਨੇਤਾਵਾਂ ਦੇ ਜਹਿਰੀਲੇ ਬੋਲ ,

ਅਤੇ ਕੁਝ ਸ਼ਰਾਰਤੀ ਅਨਸਰਾਂ ਵਲੋਂ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ 'ਤੇ ਭੜਕਾਊ ਪੋਸਟਾਂ,

ਇਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ਸ਼ਾਇਦ ਕੁੱਝ ਹਦ ਤਕ ਸਮਸਿਆ  ਹਲ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ।

  ਸਮਾਜ ਦੇ ਪੜ੍ਹੇ ਲਿਖੇ  ਲੋਕ ਇਸਨੂੰ ਅਗੇ ਭੇਜੋ।ਸੂਝਵਾਨ ਸਮਝ ਕੇ ਹੀ ਆਪ ਜੀ ਨੂੰ ਭੇਜਿਆ ਹੈ••••••
ਐਸਾ ਕਰਕੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਭਾਈਚਾਰਕ ਸਾਂਝ ਨੂੰ ਮਜਬੂਤ ਅਤੇ ਭਰਿਸ਼ਟ ਮੁਤਸਬੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਤੋਂ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਬਚਾਉ ।।।

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Sunday, August 19, 2018

#एक छोटी सी कहानी..

#एक छोटी सी कहानी........💞

"रेनू की शादी हुयें, पाँच साल हो गयें थें, उसके पति थोड़ा कम बोलतें थे पर बड़े सुशील और संस्कारी थें, माता_पिता जैंसे सास, ससुर और एक छोटी सी नंनद, और एक नन्ही सी परी, भरा पूरा परिवार था, दिन खुशी से बित रहा था,

          आज रेनू बीतें दिनों को लेकर बैठी थी, कैंसे उसके पिताजी नें बिना माँगे 30 लाख रूपयें अपने दामाद के नाम कर दियें, जिससे उसकी बेटी खुश रहे, कैसे उसके माता_पिता ने बड़ी धूमधाम से उसकी शादी की, बहुत ही आनंदमय तरीके से रेनू का विवाह हुआ था,

        खैर बात ये नही थी, बात तो ये थी, रेनू बड़े भाई ने, अपने माता_पिता को घर से निकाल दिया था, क्यूकि पैसें तो उनके पास बचें नही थें, जितने थें उन्होने रेनू की शादी में लगा दियें थें, फिर भला_ बच्चें माँ_बाप को क्यू रखने लगें, रेनू के माता पिता एक मंदिर मे रूके थें,
रेनू आज उनसे मिल के आयी थी, और बड़ी उदास रहने लगी थी, आखिर लड़की थी, अपने माता_पिता के लिए कैसे दुख नही होता, कितने नाजों से पाला था, उसके पिताजी ने बिल्कुल अपनी गुडिया बनाकर रखा था,
आज वही माता_पिता मंदिर के किसी कोने में भूखें प्यासें पड़ें थे,

         रेनू अपने पति से बात करना चाहती थी, वो अपने माता_पिता को घर ले आए, पर वहाँ हिम्मत नही कर पा रही थी, क्यूकि उनके पति कम बोलते थे, अधिकतर चुप रहते थे, जैंसे तैंसे रात हुई रेनू के पति और पूरा परिवार खाने के टेबल पर बैठा था, रेनू की ऑखे सहमी थी, उसने डरते हुये अपने पति से कहा,
सुनिये जी, भाईया_भाभी ने मम्मी_पापा को घर से निकाल दिया हैं, वो मंदिर में पड़े है, आप कहें तो उनको घर ले आऊ,
रेनू के पति ने कुछ नही कहा, और खाना खत्म कर के अपने कमरें में चला गया, सब लोग अभी तक खाना खा रहें थे, पर रेनू के मुख से एक निवाला भी नही उतरा था, उसे बस यही चिंता सता रही थी अब क्या होगा, इन्होने भी कुछ नही कहा, रेनू रूहासी सी ऑख लिए सबको खाना परोस रही थी,

        थोड़ी देर बाद रेनू के पति कमरें से बाहर आए, और रेनू के हाथ में नोटो का बंडल देते हुये कहा, इससे मम्मी, डैडी के लिए एक घर खरीद दो, और उनसे कहना, वो किसी बात की फ्रिक ना करें मैं हूं,
रेनू ने बात काटते हुये कहा, आपके पास इतने पैसे कहा से आए जी??
रेनू के पति ने कहा, ये तुम्हारे पापा के दिये गये ही पैसे हैं,
मेरे नही थे, इसलिए मैंने हाथ तक नही लगाए, वैसे भी उन्होने ये पैसे मुजे जबरदस्ती दिये थे, शायद उनको पता था एक दिन ऐसा आयेगा,
रेनू के सास_ससुर अपने बेटे को गर्व भरी नजरों से देखने लगें, और उनके बेटे ने भी उनसे कहा, अम्मा जी बाबूजी सब ठीक है ना??
उसके अम्मा बाबूजी ने कहा बड़ा नेक ख्याल है बेटा, हम तुम्हें बचपन से जानते हैं, तुजे पता है, अगर बहू अपने माता_पिता को घर ले आयी, तो उनके माता पिता शर्म से सर नही उठा पायेंगे, की बेटी के घर में रह रहें, और जी नही पाएगें, इसलिए तुमने अलग घर दिलाने का फैसला किया हैं, और रही बात इस दहेज के पैसे की, तो हमें कभी इसकी जरूरत नही पड़ी, क्यूकि तुमने कभी हमें किसी चीज की कमी होने नही दी, खुश रहो बेटा कहकर रेनू और उसके पति को छोड़ सब सोने चले गयें,

      रेनू के पति ने फिर कहा, अगर और तुम्हें पैसों की जरूरत हो तो मुजे बताना, और अपने माता_पिता को बिल्कुल मत बताना घर खरीदने को पैसे कहा से आए, कुछ भी बहाना कर देना, वरना वो अपने को दिल ही दिल में कोसते रहेंगें, चलो अच्छा अब मैं सोने जा रहा, मुजे सुबह दफ्तर जाना हैं, रेनू का पति कमरें में चला गया,

             और रेनू खुद को कोसने लगी, मन ही मन ना जाने उसने क्या_क्या सोच लिया था, मेरे पति ने दहेज के पैसें लिए है, क्या वो मदद नही करेंगे करना ही पड़ेगा, वरना मैं भी उनके माँ_बाप की सेवा नही करूगी,
रेनू सब समझ चुकी थी, की उसके पति कम बोलते हैं, पर उससे जादी कही समझतें हैं,
        रेनू उठी और अपने पति के पास गयी, माफी मांगने, उसने अपने पति से सब बता दिया,
उसके पति ने कहा कोई बात नही होता हैं, तुम्हारे जगह मैं भी होता तो यही सोचता, रेनू की खुशी का कोई ठिकाना नही था, एक तरफ उसके माँ_बाप की परेशानी दूर दूसरी तरफ, उसके पति ने माफ कर दिया,
            रेनू ने खुश और शरमाते हुये अपने पति से कहा,
मैं आपको गले लगा लूं, उसके पति ने हट्टहास करते हुये कहा, मुजे अपने कपड़े गंदे नही करने, दोनो हंसने लगें,
और शायद रेनू को अपने कम बोलने वालें पति का जादा प्यार समझ आ गया,,,,,,,,,,🌱
 
( कैसा लगा ये प्रसंग ?)

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Monday, August 6, 2018

Meaning of Guidance (मार्गदर्शन का अर्थ)

Meaning of Guidance  (मार्गदर्शन का अर्थ)

लग-अलग लोगों, प्रशासकों, राजनेताओं, दार्शनिकों, नेताओं और शिक्षाविदों द्वारा अलग-अलग समय में मार्गदर्शन को परिभाषित और समझ लिया गया है जिसके लिए मार्गदर्शन के दो प्रकार के अर्थ हैं- एक पुराना या पारंपरिक अर्थ है और दूसरा आधुनिक अर्थ है। अन्य सामग्रियों और विषयों की तरह, मार्गदर्शन का आधुनिक अर्थ चित्र में आया जब जोर दिया गया और आर्थिक समस्याओं, नियुक्ति या रोजगार और व्यावसायिक रुझानों पर अधिक ध्यान दिया गया।

उसके बाद नियोक्ता को अपने काम में प्रभावी बनाने के लिए अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने की एक महसूस की आवश्यकता बन गई। यह प्रवृत्ति अब मानवता, कला, विज्ञान, वाणिज्य और पेशेवर क्षेत्रों के सभी विषयों को शामिल करने के तेज़ी से चल रही है। इसलिए अवधारणा का आधुनिक अर्थ "मार्गदर्शन" स्वयं को किसी भी विषय में

सीमित नहीं करता है। इसलिए यह समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र और शिक्षा से प्रभावित है।

definitions  of guidance (मार्गदर्शन की परिभाषाएं)

"मार्गदर्शन प्रत्येक व्यक्ति को उनकी क्षमताओं को समझने और उन्हें यथासंभव विकसित करने और उन्हें जीवन लक्ष्यों से जोड़ने और अंततः सामाजिक और वांछित आत्म-मार्गदर्शन की स्थिति तक पहुंचने के लिए सक्षम करने की प्रक्रिया है। ऑर्डर। "-ट्रैकलर

"मार्गदर्शन एक व्यक्ति को वास्तविकता के खिलाफ इस अवधारणा का परीक्षण करने और खुद को संतुष्टि के साथ वास्तविकता में परिवर्तित करने और लाभ के लिए इसे बदलने के लिए, काम की दुनिया में अपनी और उसकी भूमिका की एक एकीकृत और पर्याप्त तस्वीर को विकसित करने और स्वीकार करने की प्रक्रिया है। समाज"। - राष्ट्रीय व्यावसायिक मार्गदर्शन संघ (यूएसए)

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